समाज सेवी डॉ.. दयाराम आलोक से डॉ..कैलाश चौहान का साक्षात्कार

समाज सेवी डॉ.. दयाराम आलोक से डॉ..कैलाश चौहान का साक्षात्कार


                                                        श्री गुरु दामोदराय  नम:


डॉ.दयाराम आलोक 

       से





 

डॉ.कैलाश चंद्र चौहान  

         का
 साक्षात्कार  








डॉ. चौहान :--दामोदर दर्जी समाज (darji samaj)के परिवारों की जानकारी की इस किताब के लिये आपसे साक्षात्कार लेना मेरा सौभाग्य है। आप अपना सक्षिप्त जीवन परिचय दें।

डॉ.आलोक :-- शामगढ कस्बे में पुरालाल जी राठौर के कुल में जन्म ११ अगस्त सन १९४० ईस्वी। रेडीमेड वस्त्र बनाकर बेचना पारिवारिक व्यवसाय था। अत्यंत साधारण आर्थिक हालात।हाईस्कूल परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण करने के बाद सन १९६१ में शासकीय सेवा में अध्यापक के पद पर नियुक्त।सन १९६९ में राजनीति विषय से एम.ए. किया। चिकित्सा विषयक उपाधियां आयुर्वेद रत्न और होम्योपैथिक उपाधि D I Hom ( London) अर्जित कीं।
 


डॉ. चौहान :-
आपने दामोदर दर्जी महासंघ(damodar darji mahasangh) कब और किस उद्धेश्य से स्थापित किया?

डॉ.आलोक :- दर्जी समाज के महत्वपूर्ण सामाजिक कार्यों को संगठित ढंग से संपादित करने तथा सामाजिक फ़िजू ल खर्ची रोकने के उद्देश्य से मैने अपने कुछ घनिष्ठ साथियों के सहयोग से सन १९६४ में "दामोदर दर्जी युवक संघ" की स्थापना की और एक कार्यकारिणी समिति बनाई। कालांतर मे विस्तृत होकर यह दर्जी युवक संघ "अखिल भारतीय दामोदर दर्जी महासंघ" के नाम से अस्तित्व में है।
दामोदर दर्जी महासंघ की स्थापना में मुझे शामगढ के डॉ. लक्ष्मी नारायण अलोकिक , श्री रामचन्द्र सिसौदिया ,श्री शंकरलालजी राठौर,श्री कंवरलाजी सिसौदिया,गंगारामजी चोहान शामगढ़, श्री रामचंद्रजी चौहान मनासा ,श्री कन्हैयालालजी परमार गुराड़िया नरसिंग,श्री प्रभुलालजी मकवाना मोडक,श्री देवीलालजी सोलंकी शामगढ़ बोलिया वाले का सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ। मैने संघ का संविधान सन १९६५ में लिपिबद्ध किया और डॉ. लक्ष्मीनारायणजी अलौकिक के माध्यम से रसायन प्रेस दिल्ली से छपवाकर प्रचारित-प्रसारित किया|

संघ का प्रथम अधिवेशन १४ जुन १९६४ को शामगढ में पूरालालजी राठौर के निवास पर हुआ ।अधिवेशन में २३४ दर्जी बंधु उपस्थित हुए। इस अधिवेशन मे श्री रामचन्द्रजी सिसोदिया को अध्यक्ष , श्री दयाराम जी आलोक को संचालक,और श्री सीताराम ज्री संतोषी को कोषाध्यक्ष बनाया गया। सदस्यता अभियान चलाकर ५० नये पैसे वाले सैंकडों सदस्य बनाये गये।

डॉ.चौहान :-- दामोदर दर्जी समाज के डग स्थित श्री सत्यनारायण मंदिर का जीर्णोद्धार और उद्ध्यापन का काम आपने किस तरह संचालित किया? संक्षेप में बताएं। 
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