नि:शुल्क दर्जी सामूहिक विवाह सम्मलेन पर एक रिपोर्ट

नि:शुल्क दर्जी सामूहिक विवाह सम्मलेन पर एक रिपोर्ट



                                श्री गुरु दामोदराय नम:


डॉ.दयाराम आलोक द्वारा  स्ववित्त पोषित  


प्रथम  नि:शुल्क दर्जी सम्मेलन,बोलिया,२०१० पर


 श्री रमेशचन्द्र राठौर ,शामगढ

 द्वारा एक रिपोर्ट 







      
मन में संकल्प शक्ति हो और कुछ कर दिखाने की चाहत दिल में हो तो क्या संभव नहीं है? ऐसे ही व्यक्तित्व का परिचय आप सबके बीच है ,जिन्होने निस्वार्थ भाव से समाज हित के कार्य किये हैं।दामोदर दर्जी महासंघ के संस्थापक एवं संचालक डॉ.दयाराम जी   आलोक  ने महासंघ के झंडे तले छे (६) सामूहिक विवाह सम्मेलन करवाये हैं।सच तो ये है कि   मन्दसौर जिले में  सामूहिक विवाह की शुरूआत ही  डॉ. साब  के द्वारा  सन १९८१ में रामपुरा नगर में प्रथम सम्मेलन के रूप में की गई  थी। 

           
 अपने अदम्य आत्म विश्वास के बलबूते आपने बोलिया कस्बे  मे १३ अप्रेल २०१० के पूर्णतया नि:शुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन की घोषणा कर सबको अचंभित कर दिया।ऐसा करना उन लोगों को अच्छा नहीं लगा जो काम में नहीं नाम में विश्वास करते हैं। उनके द्वारा अनर्गल प्रचार शुरू कर  इस सम्मेलन में सम्मिलित होने वाले जोडों को यह कहकर भडकाना शुरू कर दिया  कि  नि:शुल्क विवाह करवाकर आप जिन्दगी भर की टांकण अपने सिर पर रखना चाहोगे क्या  ?  कुछ लोग भ्रमित हुए भी।




१३ अप्रेल,२०१० मंगलवार: प्रात: ९ बजे आचार्य श्री राजेश जी शर्मा  के द्वारा गणपति पूजन डॉ .आलोक  साहेब के सानिध्य में संपना हुआ।  सम्मेलन परिसर में चाय नाश्ते की नि:शुल्क  व्यवस्था रखी गई थी। 

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