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3.3.24

भेसासरी माता धाम ढाबला भगवान - आस्था और सेवा का संगम | 4 सीमेंट बेंचों की भेंट

श्री भेसासरी माताजी की छाया, ढाबला भगवान का दिव्य आँगन— मनोकामना पूर्ण करतीं माताजी, भक्तों के लिए बैठने का पावन आयोजन। डॉ. आलोक का संकल्प महान, भक्ति और सेवा का अनुपम गान…
ढाबला भगवान का दिव्य आँगन— मनोकामना पूर्ण करतीं माताजी, भक्तों के लिए बैठने का पावन आयोजन। डॉ. आलोक का संकल्प महान, भक्ति और सेवा का अनुपम गान…


श्री भेसासरी माताजी मंदिर, ढाबला भगवान - 4 बेंच समर्पित 

भारत की पुण्यभूमि पर देवस्थानों का अपना अलौकिक महात्म्य है। जहाँ श्रद्धा है, वहीं शक्ति है और जहाँ शक्ति है, वहीं भक्तों के कष्टों का निवारण है। ऐसा ही एक पावन धाम है - ढाबला भगवान स्थित श्री भेसासरी माताजी मंदिर।

ढाबला भगवान का पावन धाम,
भेसासरी माताजी का अद्भुत नाम।
महिषासुर मर्दिनी की महिमा अपार,
भक्तों की मनोकामना करतीं साकार।

हिन्दू धर्मशास्त्रों और पुराणों में वर्णित महिषासुर मर्दिनी के रूप में पूजित माँ भेसासरी महारानी की कथा अत्यंत प्राचीन और चमत्कारी है। यहाँ वे गोयल कुल की कुलदेवी के रूप में प्रतिष्ठित हैं।

मंदिर की विशेषताएँ ही इसकी दिव्यता का प्रमाण हैं -विशाल प्रांगण जहाँ मेले और भक्तों का समागम होता है,
देवी की अति मनोहर और तेजस्वी प्रतिमा जिसके दर्शन मात्र से मन को शांति मिलती है,
कष्ट निवारण की अटूट मान्यता, जहाँ सच्चे मन से माँगी गई हर मनोकामना पूर्ण होती है,
और मांगलिक भवन के रूप में इसका उपयोग, जो इसे केवल मंदिर नहीं, बल्कि लोक-मंगल का केंद्र बनाता है।

विशाल प्रांगण, प्रतिमा मनोहर,
कष्ट निवारण का है विश्वास अमर।

ऐसे दिव्य धाम की सेवा में जब श्रद्धा और सुविधा का संगम होता है, तो वह दान नहीं, अनुष्ठान बन जाता है।

इसी अनुष्ठान के एक पुण्य पड़ाव के रूप में समाजसेवी, साहित्य मनीषी, सेवानिवृत्त अध्यापक डॉ. दयाराम जी आलोक, शामगढ़ द्वारा दिनांक ३ मार्च २०२४ को श्री भेसासरी माताजी मंदिर, ढाबला भगवान हेतु ४ सीमेंट बेंचें सप्रेम समर्पित की गईं। यह दान उनके सुपुत्र डॉ. अनिल कुमार राठौर, दामोदर पथरी अस्पताल, शामगढ़ के नाम से समर्पित है।

डॉ. आलोक जी का यह कार्य कोई सामान्य दान नहीं है। यह उनका 'आध्यात्मिक दान-पथ' है। आपने अपनी पाँच वर्ष की कुल पेंशन राशि को ईश्वर सेवा में अर्पित करने का महासंकल्प लिया है। राजस्थान और मध्यप्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जिलों के 151 से अधिक मंदिरों, मुक्तिधामों और गौशालाओं में आगंतुकों के बैठने हेतु सीमेंट बेंचें और निर्माण व रंग-रोगन हेतु नकद दान का यह क्रम अनवरत चल रहा है। इसमें उनकी गूगल कंपनी से ब्लॉग और यूट्यूब चैनल से प्राप्त आय भी समाहित है।

डॉ. दयाराम आलोक का संकल्प महान,
चार सिमेन्ट बेंचों का दान प्रमाण।

मंदिर समिति और ग्रामजनों ने इस सेवा-भावना का हृदय से सम्मान किया है। मंदिर प्रांगण में कृतज्ञता स्वरूप शिलालेख स्थापित किया गया है, जिसके निर्माता हैं श्री दिनेश जी व्यास, आर्ट सुवासरा। इस पुण्य कार्य के साक्षी और शुभचिंतक रहे - अध्यक्ष श्री विश्वकर्माजी सरपंच एवं सचिव श्री शिवराज सिंह जी देवड़ा।

इस अवसर पर भावांजलि स्वरूप यह श्लोक समर्पित है -

भेसासरी महिषासुरमर्दिनी देवी
कष्टनिवारिणि कृपामयी सदा।
आलोकनाथेन प्रदत्ताः बेंचाः
भक्तानामारामविधायि शुभाः॥

अर्थात - कष्टों का निवारण करने वाली, सदा कृपामयी महिषासुर मर्दिनी देवी भेसासरी के धाम में आलोक जी द्वारा प्रदत्त ये बेंचें भक्तों को सुख और विश्राम प्रदान करने वाली हों।

आइये, इस पावन कथा और सेवा-यात्रा का दर्शन करें।

बोलिए भेसासरी महारानी की जय!


ढाबला भगवान का पावन धाम, भेसासरी माताजी का अद्भुत नाम। महिषासुर मर्दिनी की महिमा अपार, भक्तों की मनोकामना करतीं साकार।

विशाल प्रांगण, प्रतिमा मनोहर, कष्ट निवारण का है विश्वास अमर। मांगलिक भवन बने शुभ स्थान, देवी की कृपा से मिटे हर क्लेश महान।

डॉ. दयाराम आलोक का संकल्प महान, चार सिमेन्ट बेंचों का दान प्रमाण। सेवा, सुविधा और श्रद्धा का संगम, मंदिर समिति ने किया सम्मान का प्रसंग।

शिलालेख में अंकित आभार गान, ग्राम जन ने किया दाता का सम्मान। भेसासरी महारानी की जय पुकार, भक्तों के हृदय में उमड़े अपार।

*श्लोक *

भेसासरी महिषासुरमर्दिनी देवी  
कष्टनिवारिणि कृपामयी सदा।  
आलोकनाथेन प्रदत्ताः बेंचाः  
भक्तानामारामविधायि शुभाः॥


श्री भेसासरी माताजी मंदिर ढाबला

 भगवान हेतु 

समाजसेवी डॉ.दयाराम जी  आलोक  द्वारा 

सीमेंट बेंचें समर्पित

 




भेसासरी महारानी या महिषासुर मर्दिनी माता की कथा और महात्म्य हिंदू धर्मशास्त्रों और पुराणों में वर्णित है। ढाबला भगवान में स्थित उनका मंदिर गोयल कुल की कुलदेवी के रूप में पूजित है।
मंदिर की विशेषताएं:
- विशाल प्रांगण
- देवी की अति सुंदर प्रतिमा
- भक्तों के कष्ट निवारण की मान्यता
- मांगलिक भवन के रूप में उपयोग
समाज सेवी डॉ. दयाराम आलोक जी  शामगढ़ का योगदान:
- 4 सिमेन्ट बेंचें समर्पित
- आध्यात्मिक दान अनुष्ठान के तहत
- मंदिर की सेवा और सुविधा के लिए

मंदिर समिति और ग्राम जन का आभार:

- दान दाता का सम्मान

- आभार व्यक्त करना

- शिलालेख मंदिर में लगवाया

बोलिए भेसासरी महाराणी की जय!


                                       


     
समाजसेवी 

डॉ.दयाराम जी आलोक

शामगढ़ का

आद्यात्मिक दान-पथ

  साहित्य मनीषी  डॉ.दयाराम जी आलोक  राजस्थान और मध्यप्रदेश के 
मंदसौर,आगर नीमच ,झालावाड़ ,रतलाम और झाबुआ जिलों के  मंदिरों ,मुक्ति धाम और  गौशालाओं में निर्माण व विकास  हेतु नकद और  आगंतुकों के बैठने  हेतु  सीमेंट की बेंचें दान देने का अनुष्ठान संपन्न कर रहे हैं.
 डॉ.आलोक जी  एक  सेवानिवृत्त अध्यापक हैं और वे अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने के संकल्प के साथ  आध्यात्मिक दान-पथ  पर अग्रसर हैं . 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था उन्नत करने  हेतु  सीमेंट  बेंचें और रंग रोगन के लिए नकद दान के अनुष्ठान में  आपकी वो राशि भी शामिल है जो  google कंपनी से उनके ब्लॉग  और  You tube चैनल  से  प्राप्त होती  है| समायोजित दान राशि और सीमेंट बेंचें  पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं.

                                      


श्री भेसासरी माताजी मंदिर ढाबला भगवान हेतु 

 4 सीमेंट बेंचें दान


भेसासरी माताजी मंदिर में शिलालेख का दृश्य 

.
भेसासरी माताजी मंदिर ढाबला भगवान् का विडियो 


माताजी के मंदिर में डॉ.आलोक ने बेंचें भेंट की



भेसासरी माताजी मंदिर के शुभचिंतक-

विश्वकर्माजी सरपंच ९४२४०-९८०५५ -अध्यक्ष 

शिवराज सिंग जी देवड़ा -सचिव 

दिनेश जी व्यास आर्ट  सुवासरा -शिलालेख निर्माता 

डॉ.अनिल कुमार दामोदर आत्मज  डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852 ,दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ 98267-95656 द्वारा श्री  भेसासरी माताजी मंदिर ढाबला भगवान् हेतु    दान संपन्न ३/३/२०२४ 

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you Tube video  Playlists 

*भजन, कथा ,कीर्तन के विडिओ

*दामोदर दर्जी समाज महासंघ  आयोजित सामूहिक विवाह के विडिओ 

*दर्जी समाज मे मोसर (मृत्युभोज) के विडिओ 

पौराणिक कहानियाँ के विडिओ 

मंदिर कल्याण की  प्रेरक कहानियों के विडिओ  भाग 1 

*दर्जी समाज के मार्गदर्शक :जीवन गाथा 

*डॉ . आलोक का काव्यालोक

*दर्जी  वैवाहिक  महिला संगीत के विडिओ 

*मनोरंजन,शिक्षाप्रद ,उपदेश के विडिओ 

*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ भाग 2 

*मंदिर  कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 3 

*मुक्ति धाम विकास की प्रेरक कहानियाँ भाग 2 

*मुक्ति धाम विकास की प्रेरक कहानियाँ भाग 3 

*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियां के विडिओ भाग 4 

मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 5 

*भजन,कथा कीर्तन के विडिओ 

*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ  भाग 6 

*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 7 

*मनोरंजन,शिक्षा ,पर्यटन,उपदेश के विडिओ 

*मनोरंजन ,कॉमेडी के विडिओ 

*जातियों के महापुरुषों की जीवनी के विडिओ 

*धार्मिक ,सामाजिक त्योहार व  जुलूस के विडिओ



हाई स्कूल हरनावदा:शब्दों मे साधना ,कर्मों मे आलोक :चार बेंच समर्पित

                          



राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, हरनावदा के लिए एक प्रेरणादायी भूमिका
### ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देव्यै नमः
**"न चोरहार्यं न च राजहार्यं, न भ्रातृभाज्यं न च भारकारि।**
**व्यये कृते वर्धत एव नित्यं, विद्याधनं सर्वधनप्रधानम्॥"**
अर्थात् - विद्या रूपी धन को न चोर चुरा सकता है, न राजा छीन सकता है, न भाइयों में बँटता है और न ही यह बोझ बनता है। खर्च करने पर यह निरन्तर बढ़ता ही है, इसलिए यह सभी धनों में प्रधान है।
इसी विद्या-धन के सम्मान में एक पावन पहल हुई है।
राजस्थान के झालावाड़ जिले का गौरव, **राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, हरनावदा** केवल एक विद्यालय नहीं, अपितु **माँ सरस्वती का मंदिर** है।
> **या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता।**
> **सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥**
जो कुंद के फूल, चंद्रमा और बर्फ के हार के समान श्वेत हैं, जो शुभ्र वस्त्र धारण करती हैं, वह भगवती सरस्वती हमारी बुद्धि की जड़ता को दूर करें।
हरनावदा विद्यालय की यही पहचान है - यहाँ विभिन्न प्रजातियों के पौधे पुष्पित-पल्लवित हैं, शुद्ध वातावरण है, और ज्ञान की गंगा बहती है। इस पावन धाम को इस स्वरूप तक लाने में विद्यालय के हितचिन्तक **श्री गोपाल कृष्ण जी व्यास - Teacher Harnawada School**, समर्पित कार्यकर्ता **श्री प्रभु सिंह जी हरनावदा** और समाज सेवी **श्री गोपाल जी शर्मा** के सतत प्रयास सराहनीय हैं।
### समाजसेवी डॉ. दयाराम जी आलोक - शामगढ़ का आध्यात्मिक दान-पथ
शिक्षा के इस यज्ञ में अपनी आहुति देते हुए, शामगढ़ के प्रसिद्ध समाजसेवी **डॉ. दयाराम जी आलोक** एवं उनके सुपुत्र **डॉ. अनिल कुमार दामोदर** द्वारा इस पावन विद्यालय के लिए एक अनुकरणीय दान किया गया है।
**दिनांक ३/३/२०२४ को** डॉ. दयाराम आलोक जी की ओर से **१५०५१/- रुपये की लागत से ४ सीमेंट बेंचें** माँ सरस्वती के चरणों में समर्पित की गईं। विद्यालय की दीवार पर इस दान की **दान-पट्टी / शिलालेख** स्थापित किया गया है, जो आने वाली पीढ़ियों को दान की भावना के लिए प्रेरित करता रहेगा।
इस सेवा कार्य के लिए विद्यालय परिवार ने भाव व्यक्त किया है -
> **"जहाँ ज्ञान की गंगा बहती है, उस पावन धाम को नमन।**
> **अनिल जी के बेंच दान से, हुआ शारदे माँ का वंदन।"**
> **"जहाँ गूँजती विद्या की वाणी, वह पावन विद्यालय हमारा।**
> **दामोदर जी के बेंच भेंट से, चमका ज्ञान का सितारा।"**
यह केवल चार बेंचों का दान नहीं है, यह शिक्षा की ज्योति को और प्रज्ज्वलित करने का संकल्प है।
**शिक्षा का मंदिर पावन, हरनावदा की शान।**
**बेंच अर्पण कर दानवीर ने, बढ़ाया माँ शारदे का मान।**
**हरनावदा गांव के विद्यालय के प्रति इस समर्पण को हृदय से साधुवाद!**
**दान दाता:**
समाजसेवी डॉ. दयाराम जी आलोक, शामगढ़
सौजन्य से - डॉ. अनिल कुमार दामोदर आत्मज डॉ. दयाराम जी आलोक
दामोदर पथरी अस्पताल, शामगढ़

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय  हरनावदा  के लिए 

समाज सेवी डॉ.दयाराम जी आलोक  द्वारा 


सीमेंट बेंचें समर्पित 

उच्च माध्यमिक विद्यालय हरनावदा" 
अनिल दामोदर जी द्वारा बेंच भेंट
 "जहाँ ज्ञान की गंगा बहती है, 
उस पावन धाम को नमन। 
अनिल जी के बेंच दान से, हुआ शारदे माँ का वंदन। 
🌸 हरनावदा विद्यालय के प्रति इस समर्पण को हृदय से साधुवाद! ❤️
" "न चोरहार्यं न च राजहार्यं, न भ्रातृभाज्यं न च भारकारि। 
व्यये कृते वर्धत एव नित्यं, विद्याधनं सर्वधनप्रधानम्॥"
 अर्थ: न इसे चोर चुरा सकता है, न राजा छीन सकता है, न भाइयों में यह बँटता है और न ही यह भारी (बोझ) है। खर्च करने पर यह निरंतर बढ़ता ही जाता है; सचमुच, विद्या रूपी धन सभी धनों में श्रेष्ठ है।
 "या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता।
 सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥" 
अर्थ: जो कुंद के फूल, चंद्रमा और बर्फ के हार के समान श्वेत हैं, जो शुभ्र वस्त्र धारण करती हैं, वह भगवती सरस्वती मेरी रक्षा करें और मेरी बुद्धि की जड़ता को दूर करें। 
शिक्षा की ज्योति जगाता, हरनावदा का यह धाम। 
अनिल जी के दान से हुआ, सरस्वती माँ का सम्मान 
"जहाँ गूँजती विद्या की वाणी, वह पावन विद्यालय हमारा। 
दामोदर जी के बेंच भेंट से, चमका ज्ञान का सितारा।
"विद्या का मंदिर पावन, हरनावदा की शान। 
बेंच अर्पण कर दानवीर ने, बढ़ाया माँ शारदे का मान।
" हरनावदा गांव के विध्यालय को समाज सेवी डॉ. दयाराम आलोक जी की ओर से चार सिमेन्ट की बेंचें दान मिलना एक प्रेरणादायक कार्य है।
 यह न केवल विध्यालय की सुविधाओं को बढ़ाता है, बल्कि यह शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान भी है। विध्यालय की विशेषताएं: - 
राजकीय उच्च माध्यमिक विध्यालय - माँ सरस्वती का मंदिर - विभिन्न प्रजाति के पौधे पुष्पित पल्लवित - शुद्ध वातावरण - गोपाल जी व्यास के प्रयासों से सुविधाएं डॉ. दयाराम आलोक जी का दान: - चार सिमेन्ट की बेंचें माँ सरस्वती के चरणों में समर्पित - 
शिलालेख स्कूल की दीवार पर स्थापित - दान की भावना जागृत करने का काम यह कार्य शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान है और समाज में दान की भावना को बढ़ावा देता है। 
'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देव्यै नमः' - यह मंत्र माँ सरस्वती की शक्ति और ज्ञान की देवी को दर्शाता है, जो हमें ज्ञान और शिक्षा की प्रेरणा देती है।

 हरनावदा गांव के विध्यालय को समाज सेवी डॉ. दयाराम आलोक जी की ओर से चार सिमेन्ट की बेंचें दान मिलना एक प्रेरणादायक कार्य है। यह न केवल विध्यालय की सुविधाओं को बढ़ाता है, बल्कि यह शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान भी है।

विध्यालय की विशेषताएं:

- राजकीय उच्च माध्यमिक विध्यालय

- माँ सरस्वती का मंदिर

- विभिन्न प्रजाति के पौधे पुष्पित पल्लवित

- शुद्ध वातावरण

- गोपाल जी व्यास के प्रयासों से सुविधाएं

डॉ. दयाराम आलोक जी का दान:

- चार सिमेन्ट की बेंचें माँ सरस्वती के चरणों में समर्पित

- शिलालेख स्कूल की दीवार पर स्थापित

- दान की भावना जागृत करने का काम

यह कार्य शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान है और समाज में दान की भावना को बढ़ावा देता है।

'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देव्यै नमः' - यह मंत्र माँ सरस्वती की शक्ति और ज्ञान की देवी को दर्शाता है, जो हमें ज्ञान और शिक्षा की प्रेरणा देती है


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राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय  हरनावदा  की दीवार पर दान पट्टी  का दृश्य 



समाजसेवी 

डॉ.दयाराम जी आलोक

शामगढ़ का

आद्यात्मिक दान-पथ




राजकीय हाई स्कूल  हरनावदा जिला झालावाड हेतु 
१५०५१/- की ४ सीमेंट बेंचें भेंट  

हरनावदा,राजस्थान के उच्च माध्यमिक विद्यालय का विडियो 


हाई स्कूल  हरनावदा के हितचिन्तक -

गोपाल कृष्ण जी व्यास - Teacher Harnawada School 

  प्रभु सिंग जी हरनावदा -समर्पित कार्यकर्ता 

गोपाल जी शर्मा -समाज सेवी 

डॉ.अनिल कुमार दामोदर आत्मज  डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852 ,दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ 98267-95656 द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय हरनावदा  को दान संपन्न ३/३/२०२४ 

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यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -


*भजन, कथा ,कीर्तन के विडिओ

*दामोदर दर्जी समाज महासंघ  आयोजित सामूहिक विवाह के विडिओ 

*दर्जी समाज मे मोसर (मृत्युभोज) के विडिओ 

पौराणिक कहानियाँ के विडिओ 

मंदिर कल्याण की  प्रेरक कहानियों के विडिओ  भाग 1 

*दर्जी समाज के मार्गदर्शक :जीवन गाथा 

*डॉ . आलोक का काव्यालोक

*दर्जी  वैवाहिक  महिला संगीत के विडिओ 

*मनोरंजन,शिक्षाप्रद ,उपदेश के विडिओ 

*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ भाग 2 

*मंदिर  कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 3 

*मुक्ति धाम विकास की प्रेरक कहानियाँ भाग 2 

*मुक्ति धाम विकास की प्रेरक कहानियाँ भाग 3 

*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियां के विडिओ भाग 4 

मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 5 

*भजन,कथा कीर्तन के विडिओ 

*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ  भाग 6 

*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 7 

*मनोरंजन,शिक्षा ,पर्यटन,उपदेश के विडिओ 

*मनोरंजन ,कॉमेडी के विडिओ 

*जातियों के महापुरुषों की जीवनी के विडिओ 

*धार्मिक ,सामाजिक त्योहार व  जुलूस के विडिओ