राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, हरनावदा के लिए एक प्रेरणादायी भूमिका
### ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देव्यै नमः
**"न चोरहार्यं न च राजहार्यं, न भ्रातृभाज्यं न च भारकारि।**
**व्यये कृते वर्धत एव नित्यं, विद्याधनं सर्वधनप्रधानम्॥"**
अर्थात् - विद्या रूपी धन को न चोर चुरा सकता है, न राजा छीन सकता है, न भाइयों में बँटता है और न ही यह बोझ बनता है। खर्च करने पर यह निरन्तर बढ़ता ही है, इसलिए यह सभी धनों में प्रधान है।
इसी विद्या-धन के सम्मान में एक पावन पहल हुई है।
राजस्थान के झालावाड़ जिले का गौरव, **राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, हरनावदा** केवल एक विद्यालय नहीं, अपितु **माँ सरस्वती का मंदिर** है।
> **या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता।**
> **सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥**
जो कुंद के फूल, चंद्रमा और बर्फ के हार के समान श्वेत हैं, जो शुभ्र वस्त्र धारण करती हैं, वह भगवती सरस्वती हमारी बुद्धि की जड़ता को दूर करें।
हरनावदा विद्यालय की यही पहचान है - यहाँ विभिन्न प्रजातियों के पौधे पुष्पित-पल्लवित हैं, शुद्ध वातावरण है, और ज्ञान की गंगा बहती है। इस पावन धाम को इस स्वरूप तक लाने में विद्यालय के हितचिन्तक **श्री गोपाल कृष्ण जी व्यास - Teacher Harnawada School**, समर्पित कार्यकर्ता **श्री प्रभु सिंह जी हरनावदा** और समाज सेवी **श्री गोपाल जी शर्मा** के सतत प्रयास सराहनीय हैं।
### समाजसेवी डॉ. दयाराम जी आलोक - शामगढ़ का आध्यात्मिक दान-पथ
शिक्षा के इस यज्ञ में अपनी आहुति देते हुए, शामगढ़ के प्रसिद्ध समाजसेवी **डॉ. दयाराम जी आलोक** एवं उनके सुपुत्र **डॉ. अनिल कुमार दामोदर** द्वारा इस पावन विद्यालय के लिए एक अनुकरणीय दान किया गया है।
**दिनांक ३/३/२०२४ को** डॉ. दयाराम आलोक जी की ओर से **१५०५१/- रुपये की लागत से ४ सीमेंट बेंचें** माँ सरस्वती के चरणों में समर्पित की गईं। विद्यालय की दीवार पर इस दान की **दान-पट्टी / शिलालेख** स्थापित किया गया है, जो आने वाली पीढ़ियों को दान की भावना के लिए प्रेरित करता रहेगा।
इस सेवा कार्य के लिए विद्यालय परिवार ने भाव व्यक्त किया है -
> **"जहाँ ज्ञान की गंगा बहती है, उस पावन धाम को नमन।**
> **अनिल जी के बेंच दान से, हुआ शारदे माँ का वंदन।"**
> **"जहाँ गूँजती विद्या की वाणी, वह पावन विद्यालय हमारा।**
> **दामोदर जी के बेंच भेंट से, चमका ज्ञान का सितारा।"**
यह केवल चार बेंचों का दान नहीं है, यह शिक्षा की ज्योति को और प्रज्ज्वलित करने का संकल्प है।
**शिक्षा का मंदिर पावन, हरनावदा की शान।**
**बेंच अर्पण कर दानवीर ने, बढ़ाया माँ शारदे का मान।**
**हरनावदा गांव के विद्यालय के प्रति इस समर्पण को हृदय से साधुवाद!**
**दान दाता:**
समाजसेवी डॉ. दयाराम जी आलोक, शामगढ़
सौजन्य से - डॉ. अनिल कुमार दामोदर आत्मज डॉ. दयाराम जी आलोक
दामोदर पथरी अस्पताल, शामगढ़
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय हरनावदा के लिए
समाज सेवी डॉ.दयाराम जी आलोक द्वारा
सीमेंट बेंचें समर्पित
उच्च माध्यमिक विद्यालय हरनावदा"हरनावदा गांव के विध्यालय को समाज सेवी डॉ. दयाराम आलोक जी की ओर से चार सिमेन्ट की बेंचें दान मिलना एक प्रेरणादायक कार्य है। यह न केवल विध्यालय की सुविधाओं को बढ़ाता है, बल्कि यह शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान भी है।
विध्यालय की विशेषताएं:
- राजकीय उच्च माध्यमिक विध्यालय
- माँ सरस्वती का मंदिर
- विभिन्न प्रजाति के पौधे पुष्पित पल्लवित
- शुद्ध वातावरण
- गोपाल जी व्यास के प्रयासों से सुविधाएं
डॉ. दयाराम आलोक जी का दान:
- चार सिमेन्ट की बेंचें माँ सरस्वती के चरणों में समर्पित
- शिलालेख स्कूल की दीवार पर स्थापित
- दान की भावना जागृत करने का काम
यह कार्य शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान है और समाज में दान की भावना को बढ़ावा देता है।
'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देव्यै नमः' - यह मंत्र माँ सरस्वती की शक्ति और ज्ञान की देवी को दर्शाता है, जो हमें ज्ञान और शिक्षा की प्रेरणा देती है
समाजसेवी
आद्यात्मिक दान-पथ
यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -







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