राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय हरनावदा के लिए
समाज सेवी डॉ.दयाराम जी आलोक द्वारा
सीमेंट बेंचें समर्पित
उच्च माध्यमिक विद्यालय हरनावदा" अनिल दामोदर जी द्वारा बेंच भेंट
"जहाँ ज्ञान की गंगा बहती है,
उस पावन धाम को नमन।
अनिल जी के बेंच दान से, हुआ शारदे माँ का वंदन।
🌸 हरनावदा विद्यालय के प्रति इस समर्पण को हृदय से साधुवाद! ❤️
" "न चोरहार्यं न च राजहार्यं, न भ्रातृभाज्यं न च भारकारि।
व्यये कृते वर्धत एव नित्यं, विद्याधनं सर्वधनप्रधानम्॥"
अर्थ: न इसे चोर चुरा सकता है, न राजा छीन सकता है, न भाइयों में यह बँटता है और न ही यह भारी (बोझ) है। खर्च करने पर यह निरंतर बढ़ता ही जाता है; सचमुच, विद्या रूपी धन सभी धनों में श्रेष्ठ है।
"या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता।
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥"
अर्थ: जो कुंद के फूल, चंद्रमा और बर्फ के हार के समान श्वेत हैं, जो शुभ्र वस्त्र धारण करती हैं, वह भगवती सरस्वती मेरी रक्षा करें और मेरी बुद्धि की जड़ता को दूर करें।
शिक्षा की ज्योति जगाता, हरनावदा का यह धाम।
अनिल जी के दान से हुआ, सरस्वती माँ का सम्मान
"जहाँ गूँजती विद्या की वाणी, वह पावन विद्यालय हमारा।
दामोदर जी के बेंच भेंट से, चमका ज्ञान का सितारा।
"विद्या का मंदिर पावन, हरनावदा की शान।
बेंच अर्पण कर दानवीर ने, बढ़ाया माँ शारदे का मान।
" हरनावदा गांव के विध्यालय को समाज सेवी डॉ. दयाराम आलोक जी की ओर से चार सिमेन्ट की बेंचें दान मिलना एक प्रेरणादायक कार्य है।
यह न केवल विध्यालय की सुविधाओं को बढ़ाता है, बल्कि यह शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान भी है। विध्यालय की विशेषताएं: -
राजकीय उच्च माध्यमिक विध्यालय - माँ सरस्वती का मंदिर - विभिन्न प्रजाति के पौधे पुष्पित पल्लवित - शुद्ध वातावरण - गोपाल जी व्यास के प्रयासों से सुविधाएं डॉ. दयाराम आलोक जी का दान: - चार सिमेन्ट की बेंचें माँ सरस्वती के चरणों में समर्पित -
शिलालेख स्कूल की दीवार पर स्थापित - दान की भावना जागृत करने का काम यह कार्य शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान है और समाज में दान की भावना को बढ़ावा देता है।
'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देव्यै नमः' - यह मंत्र माँ सरस्वती की शक्ति और ज्ञान की देवी को दर्शाता है, जो हमें ज्ञान और शिक्षा की प्रेरणा देती है।
हरनावदा गांव के विध्यालय को समाज सेवी डॉ. दयाराम आलोक जी की ओर से चार सिमेन्ट की बेंचें दान मिलना एक प्रेरणादायक कार्य है। यह न केवल विध्यालय की सुविधाओं को बढ़ाता है, बल्कि यह शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान भी है।
विध्यालय की विशेषताएं:
- राजकीय उच्च माध्यमिक विध्यालय
- माँ सरस्वती का मंदिर
- विभिन्न प्रजाति के पौधे पुष्पित पल्लवित
- शुद्ध वातावरण
- गोपाल जी व्यास के प्रयासों से सुविधाएं
डॉ. दयाराम आलोक जी का दान:
- चार सिमेन्ट की बेंचें माँ सरस्वती के चरणों में समर्पित
- शिलालेख स्कूल की दीवार पर स्थापित
- दान की भावना जागृत करने का काम
यह कार्य शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान है और समाज में दान की भावना को बढ़ावा देता है।
'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देव्यै नमः' - यह मंत्र माँ सरस्वती की शक्ति और ज्ञान की देवी को दर्शाता है, जो हमें ज्ञान और शिक्षा की प्रेरणा देती है
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राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय हरनावदा की दीवार पर दान पट्टी का दृश्य
समाजसेवी
डॉ.दयाराम जी आलोक
शामगढ़ का
आद्यात्मिक दान-पथ
राजकीय हाई स्कूल हरनावदा जिला झालावाड हेतु
१५०५१/- की ४ सीमेंट बेंचें भेंट
हरनावदा,राजस्थान के उच्च माध्यमिक विद्यालय का विडियो
हाई स्कूल हरनावदा के हितचिन्तक -
गोपाल कृष्ण जी व्यास
प्रभु सिंग जी हरनावदा
गोपाल जी शर्मा
डॉ.अनिल कुमार दामोदर आत्मज डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852 ,दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ 98267-95656 द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय हरनावदा को दान संपन्न ३/३/२०२४
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यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -

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