शामगढ़ नगर की पावन धरती, मंदसौर जिले का गौरव महान, मुक्तिधाम का सौंदर्य बढ़ा, सेवा का फैला दिव्य गान।
रमेशजी राठौर आशुतोष ने, किया अनथक प्रयास निरंतर, सोनीजी–गोखरुजी की टीम सँभाले, प्रबंधन का पुण्य समुंदर।
साहित्य मनीषी आलोक जी के, आदर्शों से प्रेरित होकर, पुत्र अनिल कुमार राठौर दामोदर ने, दान दिया श्रद्धा से उमड़कर।
इक्यावन हजार का पावन अर्पण, चार बेंचें सेवा हेतु समर्पण, शिलापट्ट गेट पर अंकित हुआ, संकल्प का हुआ पूर्ण वरण।
यह दान नहीं केवल धन का, यह है समाज को जोड़ने का मान, मुक्तिधाम शामगढ़ में गूँज रहा, सेवा–सम्मान का पावन गान।
*श्लोक *
शामगढे मुक्तिधामे, रमेशेन प्रयासितम् । सोनी-गोखरु-युक्तेन, व्यवस्थापनमुत्तमम् ॥ आलोकस्य सदाचारात्, प्रेरितोऽनिलराठौरः । दामोदरनामधेयेन, दत्तवान् धनमुत्तमम् ॥ एकपञ्चाशत्सहस्रं, चत्वारि बेंचदानकम् । शिलापट्टे प्रतिष्ठाप्य, संकल्पः सिद्धिमागतः ॥ दानं न केवलं वित्तं, सेवा-सम्मानकारणम् । मुक्तिधामे शामगढे, विकासधारा निरन्तरम् ॥
शामगढे मुक्तिधामे, रमेशेन प्रयासितम् । सोनी-गोखरु-युक्तेन, व्यवस्थापनमुत्तमम् ॥ आलोकस्य सदाचारात्, प्रेरितोऽनिलराठौरः । दामोदरनामधेयेन, दत्तवान् धनमुत्तमम् ॥ एकपञ्चाशत्सहस्रं, चत्वारि बेंचदानकम् । शिलापट्टे प्रतिष्ठाप्य, संकल्पः सिद्धिमागतः ॥ दानं न केवलं वित्तं, सेवा-सम्मानकारणम् । मुक्तिधामे शामगढे, विकासधारा निरन्तरम् ॥
समाजसेवी
आद्यात्मिक दान-पथ
शामगढे मुक्तिधामे, रमेशेन प्रयासितम् । सोनी-गोखरु-युक्तेन, व्यवस्थापनमुत्तमम् ॥ आलोकस्य सदाचारात्, प्रेरितोऽनिलराठौरः । दामोदरनामधेयेन, दत्तवान् धनमुत्तमम् ॥ एकपञ्चाशत्सहस्रं, चत्वारि बेंचदानकम् । शिलापट्टे प्रतिष्ठाप्य, संकल्पः सिद्धिमागतः ॥ दानं न केवलं वित्तं, सेवा-सम्मानकारणम् । मुक्तिधामे शामगढे, विकासधारा निरन्तरम् ॥
साहित्य मनीषी डॉ.दयाराम जी आलोक राजस्थान और मध्यप्रदेश के मंदसौर,आगर नीमच ,झालावाड़ ,रतलाम और झाबुआ जिलों के मंदिरों ,मुक्ति धाम और गौशालाओं में निर्माण व विकास हेतु नकद और आगंतुकों के बैठने हेतु सीमेंट की बेंचें दान देने का अनुष्ठान संपन्न कर रहे हैं.शामगढे मुक्तिधामे, रमेशेन प्रयासितम् । सोनी-गोखरु-युक्तेन, व्यवस्थापनमुत्तमम् ॥ आलोकस्य सदाचारात्, प्रेरितोऽनिलराठौरः । दामोदरनामधेयेन, दत्तवान् धनमुत्तमम् ॥ एकपञ्चाशत्सहस्रं, चत्वारि बेंचदानकम् । शिलापट्टे प्रतिष्ठाप्य, संकल्पः सिद्धिमागतः ॥ दानं न केवलं वित्तं, सेवा-सम्मानकारणम् । मुक्तिधामे शामगढे, विकासधारा निरन्तरम् ॥
डॉ.आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं और वे अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने के संकल्प के साथ आध्यात्मिक दान-पथ पर अग्रसर हैं . १५१ से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था उन्नत करने हेतु सीमेंट बेंचें और रंग रोगन के लिए नकद दान के अनुष्ठान में आपकी वो राशि भी शामिल है जो google कंपनी से उनके ब्लॉग और You tube पर विडियो से प्राप्त होती है| समायोजित दान राशि और सीमेंट बेंचें पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं.
यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -
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