2015-04-28

श्री रमेश चंद्र राठौर "आशुतोष" एक जन सेवा को समर्पित व्यक्तित्व



                                                                   

 


 
सेवा ही जिनका जज्बा है|इन्होने जीवन का आधा समय सेवा को समर्पित कर दिया | पहिले सालों में मुक्ति धाम महकाया |अब  गायत्री मंदिर में लोगों का स्वास्थय सुधारने में लगे हैं|कई तरह के औषधीय  जूस ये मंदिर के माध्यम से लोगों को उपलब्ध कराते हैं| ये हैं नगर के रमेश चंद्र राठौर उम्र ६२ वर्ष
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करीब २१ वर्ष से ये सामाजिक सरोकार के कार्यों और जन  -   सेवा  में जुटे हैं|इनकी  दिन चर्या सुबह  ५ बजे से शुरू होती है| सबसे पहिले सगोरिया रोड स्थित माँ गायत्री  के मंदिर पहुँचते हैं|यहाँ हर्बल गार्डन में आने वाले लोगों के लिए साथी गण ओम प्रकाश जी राज गुरू,कृष्ण वल्लभ जी श्री वास्तव,राजू छाबडा जी  ,भंवर लाल  जी  फल्सावदिया ,नारद राम जी यदुवंशी आदि के सहयोग से विभिन्न  औषधीय जूस  बनाते हैं और लोगों को देते हैं|यह भी बताते हैं कि किस जूस के पीने से क्या लाभ होते हैं| उससे कौन कौन सी बीमारियाँ ठीक हो सकती हैं|वे लोगों को योग एवं  आहार संबंधी जानकारी भी देते हैं| सत् साहित्य भी उपलब्ध कराते हैं |

 
पिता  की मौत ने दी प्रेरणा-     १९९३ में रमेश चंद्र जी के पिता का देहांत  हो गया उस समय बारीश का समय था| दाह संस्कार संपन्न करने के लिए सूखी लकडीयां  ना होने से परेशानी हुई\  लोगों के लिए बारीश से बचने की जगह भी नहीं थी|  उसी दिन से आशुतोष जी  ने








 मुक्ति धाम -       को संवारने  और जरूरी सुविधाएं   और व्यवस्थाएं  करने का प्रण लिया और इस दिशा में कार्य करने  में जुट गए| धीरे धीरे अन्य  लोगों का भी सहयोग मिलता गया और काफिला लंबा होता चला गया| मुक्ति धाम विकास समिति बनाकर मुक्ति धाम का भूमि पूजन संपन्न किया| यहीं से  सेवा का सफर शुरू हुआ|





  दो साल तक खंगाले रिकार्ड_ | मुक्ति धाम निर्माण और विकास के दौरान उन्हें  इस बात की जानकारी भी मिली कि  किसी को भी आसानी से मृत्यु प्रमाण पत्र  नहीं मिलता|  अत: ये दो साल तक नगर में घर घर घुमे  और मरने वाले लोगों की जानकारी इकट्ठी  कर नगर परिषद  कार्यालय में देते रहे| इसके बाद से नगर परिषद ने मुक्ति धाम की रसीद के आधार पर म्रत्यु प्रमाण पत्र  देना शुरू  कर दिया .


विशिष्ट  सेवाएं भी देते हैं -शामगढ़  नगर चिकित्सा सेवाओं के मामले में पिछडा रहा है\ लोगों को अच्छा ईलाज मिले  इसके लिए आप ने भवानी मंडी  के नून अस्पताल के डॉ. पुरोहित   को लाकर   अपने सगोरिया रोड स्थित कंचन गंगा भवन में  चिकित्सा केंद्र  स्थापित किया था| डॉ.पुरोहित ने लोगों को उच्च  कोटि की चिकित्सा  उपलब्ध कराई||  नगर में होने वाले सामाजिक कार्यों जैसे सामूहिक विवाह आदि में भी
आपका  करिश्माई  नेतृत्व  और सहयोग   मिलता रहा है  और


आशुतोष जी  समाज द्वारा समय -समय  पर  सम्मानित  होते रहे हैं||


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