27.7.10

बच्चों के प्यारे ,गरीबों के मसीहा डॉ. अलौकिक जी का व्यक्तित्व

अगडताल जैसी अमर काव्यकृतियों के प्रणेता,बच्चों के प्यारे गरीबों के मसीहा डॉ.लक्ष्मी नारायण अलौकिक का दिनांक २४ जुलाई २०१० को हृदयाघात से आकस्मिक निधन हो गया। वे ७५ वर्ष के थे। उनका पार्थिव शरीर भवानीमंडी के एस के हास्पिटल से शामगढ लाने पर शहरवासियों में शोक की लहर दौड गई। उनके चाहने वाले सैंकडों लोग अलौकिक निवास पर आने लगे। अंतिम यात्रा में हजारों व्यक्ति शामिल हुए।मुक्तिधाम में आयोजित शोक सभा में नगर के विशिष्ट व्यक्तियों ने डॉ,अलौकिक के विराट व्यक्तित्व पर अपने विचार प्रकट करते हुए उन्हें भाव भीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।




 

डॉ.अलौकिक बहुआयामी प्रतिभा के धनी थे। अपनी लेखनी से स्वास्थ्य और हास्य-व्यंग की अनेकों रचनाओं का सृजन करने वाले डॉ.अलौकिकजी का जीवन एक महात्मा का जीवन था। सादा जीवन और उच्च विचार के वे आदर्श प्रतिरूप थे।गणित के मनोरंजक खेल रचने में शायद ही उनका कोई सानी हो। उनका दिमाग कम्प्यूटर की तरह तेज रफ़्तार वाला था।
वे प्रोपर्टी का काम करते थे। गरीब लोगों का अपना खुद का मकान हो,यह उनके जीवन का प्रमुख लक्ष्य था । इसके लिये वे नित्य ऐसे लोगों के संपर्क में रहते थे जिनका अपना ्खुद का मकान न हो। आर्थिक कठिनाईयों से जूझते लोगों को वे २०० से ५०० रुपये महीने की किश्त पर प्लाट देते थे। इतनी सुविधाजनक प्लाट बिक्री के तहत शामगढ में उनकी बसाई कालोनियों के लोग उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करने में कोई कसर नहीं छोड रहे हैं।
डॉ. अलौकिक बच्चों को बेहद प्यार करते थे। इस प्यार का इजहार करने का उनका तरीका भी अनोखा था। वे बाजार से १०० रुपये के नोट के बदले ९० रुपये की चिल्लर लाते थे। जैसे ही वे किसी बस्ती से गुजरते तो छोटे बच्चे घरों से निकलकर अलौकिकजी पैसे मांगते थे और वे किसी को निराश नहीं करते थे।यह सिलसिला नित्य जारी रहता था। उनके निधन का बडों के बजाय शायद बच्चों को ज्यादा आघात लगा है। शक्ल-सूरत कद काठी से वे एकदम दार्शनिक की तरह लगते थे।बिना प्रेस किये कमीज पाजामा पहिनते थे। ५-६ इंच लंबे बाल,जिनमें वे कभी कंघा इस्तेमाल नहीं करते थे। तडक-भडक ,दिखावे से कोई वास्ता नहीं।
डॉ..अलौकिकजी मौसर प्रथा के घोर विरोधी थे। उनकी पुत्री माया को उन्होने मृत्युपूर्व कहा था कि मेरे मरने के बाद मौसर का आयोजन न किया जाये। उतना धन दान धर्म में लगाना उचित होगा। लेकिन रूढीवादी दर्जी समाज के दवाब में घर के सदस्यों को मौसर करने का निर्णय लेना पडा।
डॉ..अलौकिकजी के निधन से समाज और साहित्य जगत की अपूरणीय क्षति हुई है। मै ऐसी महान आत्मा को हृदय से श्रद्धा सुमन भेंट करते हुए कोटि-कोटि प्रणाम करता हूं।

दर्जी समाज के विडियो की लिंक्स-

Alpana and Vinod Chouhan in Damodar Mahila Sangeet



Neha and Deepesh Darji in Damodar Mahila Sangeet,Shamgarh

Arpita Rathore in Damodar Mahila Sangeet

Sunita in Damodar Mahila Sangeet

Apurva in Damodar Mahila Sangeet

दामोदर दर्जी समूह विवाह उत्सव शामगढ़ -2017, मे पाणिगृहण संस्कार

Arpita Apurva Sadhna in Damodar Mahila Sangeet

Richa Kumari in Damodar Mahila Sangeet

Inaugaration of Gyan Mandir at Gayatri Shaktipeeth Shamgarh by Dr.Aalok

Soma Parmar In Damodar Mahila Sangeet

Chaya and sisters in Damodar Mahila Sangeet

Video of Pictures from Apurva-Vineet Marriage

Free Darji mass marriage programme ,Boliya M.P. (Video Part-1)

Sadhana Jhabua in Damodar Mahila Sangeet

Darzi mass marriage ,Shamgarh -Video part 3

दामोदर दर्जी सम्मेलन मे विशिष्ट अतिथि सम्मान समारोह,शामगढ़-2017

Darji samuhik vivah sammelan Shamgarh 2014 video clip

Dr Dayaram Aalok's nav grih pravesh.AVI

Damodar Darji Samuhik Vivah Sammelan -2014 ,Shamgarh

Dileep Deshbhakt in Damodar mahila sangeet

डॉ.दयाराम आलोक का जन्म दिवस उत्सव

Soma Ranapur in Damodar Mahila Sangeet

Darji Samaj 9th Samuhik Vivah Sammelan Shamgarh -2017

Sadhana Jhabua in Damodar Mahila Sangeet

Darzi mass marriage ,Shamgarh -Video part 3

Apurva - Vineet Marriage photography video

Glimpses of Damodar Mahila Sangeet

Piyush Solanki Neemuch in Damodar mahila sangeet

Apurva -Vineet Wedding Reception susner

shiv hanuman temple shamgarh

Rajesh Yadav in Darji Sammelan Shamgarh

Gayatri Shakti Peeth Shamgarh Video

Apurva Vineet marrriage reception programme

Ritika Rathore in Damodar Mahila Sangeet

Darji Mass Marriage programme shamgarh -Video

दर्जी सामूहिक विवाह सम्मेलन ,शामगढ़ -Video clip






1 टिप्पणी:

arun ने कहा…

dr.alokik was agreat man. he loved children so much. he was dedicated to the cause of upliftment of poor people of sociaty.I pranaam his soul.