}

10.8.22

बांडया बाग बालाजी : शांति, साधना और सुविधा"

 


राजस्थान के झालावाड़ जिले के भवानी मंडी नगर मे 

बाँडया  बाग बालाजी मंदिर के लिए 

समाजसेवी  डॉ . दयाराम  जी आलोक  द्वारा 

10 सिमेन्ट की बेंचें समर्पित 

धार्मिक,आध्यात्मिक संस्थानों मे दर्शनार्थियों के लिए सिमेन्ट की बैंचों की व्यवस्था करना महान पुण्य का कार्य है। दान की भावना को साकार करते हुए डॉ. दयाराम जी आलोक मध्य प्रदेश और राजस्थान के चयनित मुक्ति धाम और मंदिरों के लिए नकद दान के साथ ही सैंकड़ों सीमेंट की बेंचें भेंट करने के अनुष्ठान को गतिमान रखे हुए हैं
हमारे पड़ोसी श्री राम गोपाल जी धनोतिया ने सुझाव रखा कि भवानी मंडी का बाँडया बाग एक लोकप्रिय धर्मस्थल है | संस्थान के प्रबंधक महेश जी झाँवर से परिचय करवाया | दस सिमेन्ट की बेंच समर्पित करने पर विमर्श होने के बाद दान पट्टिका बनवाई गई जिसे महेश जी झाँवर शामगढ़ आकर ले गए और मंदिर मे स्थापित किया। डॉ . अनिल कुमार राठौर ,दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ के माध्यम से 10 सिमेन्ट बेंचें बालाजी मंदिर और शनि मंदिर मे भिजवाकर लगवा दी गईं | अब दोनों धर्म स्थलों की बैठक व्यवस्था पर्याप्त हो गई है। लगाओ बाँडया बाग के बालाजी भगवान का जयकारा !

भवानीमंडी स्थित बांडिया बाग 

बालाजी के मंदिर और 

शनिदेव मंदिर हेतु 

समाजसेवी 

 डॉ.दयाराम आलोक शामगढ़   द्वारा 

31 हजार की बेचें भेंट 


                                                        shilalekh fixed at bandya baag                 
                                                      


             शनि देव मंदिर भवानी मंडी मे बेंच लगाई गई 
                                                बण्ड्या बाग हनुमान मंदिर मे 10 बेंच भेंट   



भवानी मंडी, दिल्ली मुंबई रेलमार्ग पर स्तिथि एक प्रमुख व्यापारिक नगर है, जिसकी स्थापना झालावाड़ के राजा भवानी सिंह जी द्वारा करवाई गई, पूर्व में ये नगर तिजारत मंडी के नाम से जाना जाता था, परन्तु कालांतर में इसका नाम बदल कर भवानी मंडी किया गया। ये नगर भारत में संतरे कि प्रमुख मंडियों में दूसरे स्थान पर आता है। यहां कृषि उपज मंडी भी है जहां आसपास के क्षेत्र के किसान अपनी उपज बेचने आते हैं। ये नगर डग विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है।बंड्या बाग नगर की सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों के लिए आदर्श स्थान है| यहाँ आये दिन पार्टियां आयोजित होती हैं रहती हैं|


लोकेशन-
near by pass road state highway 19A, Bhawani Mandi, Rajasthan 326502, India

गंगाराम जी चौहान भवानी मंडी 

राम गोपालजी धनोतिया शामगढ़ की प्रेरणा 

मुकेशजी झंवर भवानी मंडी संस्थान प्रबन्धक हैं.

डॉ.अनिल कुमार दामोदर 98267-95656 s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852, दामोदर पथरी अस्पताल  शामगढ़ 98267-95656  द्वारा बांडया बाग बालाजी मंदिर भवानी मंडी   हेतु दान सम्पन्न 
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यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -


*भजन, कथा ,कीर्तन के विडिओ

*दामोदर दर्जी समाज महासंघ  आयोजित सामूहिक विवाह के विडिओ 

*दर्जी समाज मे मोसर (मृत्युभोज) के विडिओ 

पौराणिक कहानियाँ के विडिओ 

मंदिर कल्याण की  प्रेरक कहानियों के विडिओ  भाग 1 

*दर्जी समाज के मार्गदर्शक :जीवन गाथा 

*डॉ . आलोक का काव्यालोक

*दर्जी  वैवाहिक  महिला संगीत के विडिओ 

*मनोरंजन,शिक्षाप्रद ,उपदेश के विडिओ 

*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ भाग 2 

*मंदिर  कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 3 

*मुक्ति धाम विकास की प्रेरक कहानियाँ भाग 2 

*मुक्ति धाम विकास की प्रेरक कहानियाँ भाग 3 

*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियां के विडिओ भाग 4 

मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 5 

*भजन,कथा कीर्तन के विडिओ 

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*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 7 

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14.7.22

Video-Gayatri Shaktipeeth Shamgarh, Guru Purnima, Donation by Dr.Dayaram Aalok



13 जुल॰ 2022 शामगढ़ की गायत्री शक्तिपीठ मे गुरु पूर्णिमा पर्व पर संस्थान से जुड़े सैंकड़ों परिवारों का सहभोज आयोजित किया गया| इस संस्थान को साहित्य मनीषी ,समाज सेवी डॉ.दयाराम जी आलोक के आदर्शों से प्रेरित पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर 9826795656 ,दामोदर पथरी चिकित्सालय शामगढ़ द्वारा नव निर्माण कार्यों हेतु 51 हजार रुपये तथा गायत्री शक्ति पीठ के अंतर्गत संचालित ज्ञान मंदिर हेतु भी 51 हजार रुपये का दान दिया गया|

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23.6.22

दर्जी समाज के इतिहास का स्वर्णिम दिवस 23 जून :डग दर्जी मंदिर मे मूर्ति प्राण -प्रतिष्ठा- अनुष्ठान





प्रश्न : दर्जी समाज के इतिहास मे 23 जून का क्या महत्व है?
 

  किसी भी समाज मे कुछ महत्वपूर्ण घटनाएँ जाति-इतिहास के आकाश मे जाज्वल्यमान नक्षत्र की तरह प्रकाशमान रहती हैं| ऐसी ही एक घटना याने मांगलिक,आध्यात्मिक आयोजन दामोदर दर्जी समाज के डग स्थित भगवान सत्यनारायण के मंदिर मे भगवान सत्यनारायण की मूर्ति -प्राण प्रतिष्ठा 23 जून 1966  तदनुसार आषाड सुदी पंचमी संवत  2023 को सम्पन्न हुआ था| इस आयोजन को मूर्त रूप देने मे अखिल भारतीय दामोदर युवक संघ की अपरिहार्य भूमिका रही थी | उध्यापन अनुष्ठान के लिए दर्जी समाज के तत्कालीन वरिष्ठ ,अनुभवी महानुभावों और जोशीले दर्जी  युवक संघ के सदस्यों  ने डॉ.दयारामजी आलोक ,संचालक अखिल भारतीय दामोदर दर्जी महासंघ के नेतृत्व मे उध्यापन चंदा संगृह अभियान संचालित कर प्राण प्रतिष्ठा उत्सव के लिए अपेक्षित धन राशि एकत्र की| चंदा संगृह के कार्य मे दामोदर युवक संघ के 4 रसीद कट्टे इस्तेमाल किए गए थे|
 बंधुओं ,संगृहीत राशि डग मंदिर के तत्कालीन कोशाध्यक्ष श्री कन्हैयालालजी पँवार टेलर को को दी गई थी | फलस्वरूप 23 जून 1966 को डग के दर्जी मंदिर का विराट मूर्ति प्राण- प्रतिष्ठा -अनुष्ठान आयोजित किया गया | यह आयोजन उस जमाने का दर्जी समाज का सबसे बड़ा आयोजन था और उसके मुक़ाबले का आज तक शायद ही कोई आयोजन हुआ है|शायद ही कोई परिवार बचा होगा जिसने इस अनुष्ठान समारोह मे सहभागिता न की हो|
  दर्जी समाज के स्वर्णिम दिवस 23 जून 1966 से संबन्धित प्रामाणिक  दस्तावेज़ हम आपकी जानकारी के लिए यहाँ प्रस्तुत कर रहे हैं-


15/5/1966 का दस्तावेज   





इस  विडिओ मे दर्जी मंदिर डग का महात्म्य वर्णन किया गया है


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2.5.22

राठौड़ वश की उत्पत्ति, इतिहास और कुलदेवी


 

राठोड़ राजपूतों की उत्तपति सूर्यवंशी राजा के राठ (रीढ़) से उत्तपन बालक से हुई है इसलिए ये राठोड कहलाये, राठोडों की वंशावली मे उनकी राजधानी कर्नाट और कन्नोज बतलाई गयी है। राठोड सेतराग जी के पुत्र राव सीहा जी थे। मारवाड़ के राठोड़ उन ही के वंशज है। राव सीहा जी ने करीब 700 वर्ष पूर्व द्वारिका यात्रा के दोरानमारवाड़ मे आये और राठोड वंश की नीव रखी। राव सीहा जी राठोरो के आदि पुरुष थे। राठौड़ वंश राजपूत वंश की ही एक शाखा है राठौड़ वंश के लोग समस्त भारत वर्ष में पाये जाते हैं जिनके बारे में हम आज आप को बताएंगे।राठौड़ वंश का इतिहास काफी पुराना एवं स्वर्णिम रहा है|
राठौड़ वंश का इतिहास >> राठौड़ वंश का प्रमुख वेद यजुर्वेद है एवं राठौर वंश के इष्टदेव भगवान शिव को माना गया है।
> राठौड़ वंश की पूज्यनीय देवी नाग्नेचिया माता है। नाग्नेचिया माता का पूजन राठौड़ वंश में हर शुभ कार्य के आरम्भ होने के बक्त किया जाता है।
> राठौड़ वंश का गोत्र कश्यप है एवम राठौड़ वंश के गुरु श्री शुक्राचार्य को माना गया है।
> राठौड़ वंश के लोग काफी पराक्रमी होते हैं। राठौड़ वंश के लोगों को सूर्यवंशी माना जाता है जो की राजपूत समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
> राठौड़ वंश का प्रथम पुरुष पाली में राज करने बाले श्री राव सीहा जी की माना जाता है सीहा जी की छतरी राजस्थान के पाली जिले के बिटू नामक गांव में बनी हुई है।
> राठौड़ वंश के ऐतिहासिक साक्ष्यों के आधार पर राठौड़ वंश की राजधानी कर्नाट और कन्नौज बताई गयी हैं।
> राठौड़ वंश के राजपूतों ने भारत देश के एक बड़े हिस्से में लंबे समय तक राज्य किया जिनमें से मुख्य क्षेत्र जोधपुर, मारवाड़, किशनगढ़, बीकानेर, ईडर, कुशलगढ़, सैलाना, झाबुआ, सीतामउ, रतलाम, मांडा, अलीराजपुर थे।
> राठौड़ वंश के शासकों को रणबंका राठौड़ भी कहा जाता है जिसका मुख्य कारण राठौड़ वंश का युद्ध क्षेत्र में पराक्रम एवं निडर भाव से दुश्मनों का सामना करना है।
> राठौड़ वंश के प्रमुख उप गोत्र मेड़तिया , जोधा, चम्पावत, कुम्पावत, उदावत, जैतावत, सिंधल, बीका, महेचा आदि है।
> राठौड़ वंश की प्राचीन तेरह शाखाएं हैं।राठौड़ वंश की प्रमुख शाखा दानेसरा शाखा को माना गया है।
ठौड़ वंश के अंतिम शासक >
मुहणोत नैणसी अपने ग्रंथ नैणसी री ख्यात में राठौड़ों को कन्नौज के गहड़वाल वंश का वंशज बताया, इनका मानना था कि इस वंश के अंतिम शासक जयचन्द के वंशजों ने अपना राज्य पश्चिम राजस्थान में स्थापित कर लिया इस मत का समर्थन दयालदास री ख्यात एवं पृथ्वीराजरासों में भी मिलता है।
राठौड़ों के कुल पुरुष गहड़वाल शासक जयचंद के पौत्र राव सीहा थे। राव सीहा की मृत्यु के बाद उनके पुत्र राव आसथाना शासक बने। जलालुद्दीन खिलजी के आक्रमण के भय के कारण अपना केंद्र गूंदौज को बनाया। आसथाना जी के बाद के शासकों में वीरमदेव जी के पुत्र चूंड़ा राठौड़ वंश के सफल व प्रतापी शासक थे। वीरमदेव जी मल्लीनाथ जी के भाई थे। राव चूंडा ने अपनी पुत्री हंसाबाई का विवाह मेवाड़ के राणा लाखा के साथ कर अपनी स्थिति को मजबूत किया।
राजस्थान के राठौड़ वंश के प्रमुख शाषक >
> राव सीहा (1250-1273 ईस्वी) – राठौड़ राजवंश के संस्थापक
> राव आस्थान जी (1273-1292)
> राव धुह्ड जी (1292-1309)
> राव रायपाल जी (1309-1313)
> राव कनपाल जी (1313-1328)
> राव जालणसी जी (1323-1328)
> राव छाडा जी (1328-1344)
> राव तीडा जी (1344-1357)
> राव सलखा जी (1357-1374)
> राव वीरम जी (1374-1383)
> राव चुंडा जी (1394-1423) – मंडोर पर राठौड़ राज्य की स्थापना
> राव रिडमल जी (1427-1438)
> राव काना जी (1423-1424)
> राव सता जी (1424-1427)
इन रणबंका राठौड़ो की कुलदेवी " नागणेची " है। देवी का ये " नागणेची " स्वरुप लौकिक है। 'नागाणा ' शब्द के साथ ' ची ' प्रत्यय लगकर ' नागणेची ' शब्द बनता है , किन्तु बोलने की सुविधा के कारण ' नागणेची ' हो गया।
राठौड़ वंश का प्रथम शासक राव चूड़ा था।
हालाँकि, राजवंश की किस्मत राव जोधा द्वारा लिखी गई थी, जो 1459 में जोधपुर में राठौर वंश के पहले शासक थे।


    27.4.22

    ऊंकार लालजी राठौर दर्जी आसंदिया की वंशावली:Puralal asandiya,Balaram Asandiya,Dhuralal Asandiya,Ramesh Asandiya,deepak asandiya ,Vinod asandiya


    *इस वंशावली के निर्माण मे विभिन्न स्रोतों से प्राप्त जानकारी उपयोग मे लाई गई है फिर भी वंशावली त्रुटिविहीन हो ,ऐसा प्रयास किया गया है|*वंशावली मे शीर्ष पुरुष के पुत्र और पुत्री के वंशज शामिल किए जाते हैं|
    *जन्म और मृत्यु दिनांक मे कुछ गलत हो तो सूचित करें|
    *पीढ़ी बताने वाले अंक नाम के पहिले यानि शुरू मे लिखे गए हैं|
    *सभी नाम लिंक रूप मे हैं ,लिंक खोलकर उस व्यक्ति की पूरी फाईल देख सकते हैं|
    *जीवित और मृत दर्जी बंधुओं के फोटो उपलब्ध कराने पर लगाए जाएँगे|

    - निवेदक-डॉ॰दयाराम आलोक,शामगढ़ -9926524852




    1. ऊंकार लाल राठौर दर्जी आसंदिया b. 1888; d. 1957
    2. पुरालाल जी राठौर आसंदिया b. 4 अगस्त, 1935; d. 27 अप्रैल, 2022, आसंदिया, आगर, MP, India
    └ +रुक्मण बाई - पुरालाल राठौर दरजी आसंदिया
    3. बालाराम राठौर दर्जी आसंदिया -८९५९६-47888 b. 1960
    └ +उषा पिता गोपाल - पूनम चंद सोलंकी दर्जी डेलवाडी b. 1965
    4. कैलाश राठौर दर्जी आसंदिया b. 1984
    └ +पद्मा पिता मांगीलाल गोयल दर्जी सेमली शंकर b. 1989
    5. पायल पिता कैलाश राठौर दर्जी आसंदिया b. 2005
    5. पियूष राठौर दर्जी आसंदिया b. 2008
    4. प्रकाश राठौर दर्जी आसंदिया b. 1988
    └ + ललिता पिता अशोक चौहान दर्जी सांगरिया b. 1996
    4. विनोद राठौर दर्जी आसंदिया b. 1990
    2. सूरज बाई राठौर -बालारामजी चौहान मदकोटा
    └ +बालाराम जी चौहान खन्दवास/मदकोटा से b. 8 मार्च, 1894
    3. भेरुलाल जी चौहान खंदवास b. 9 मार्च, 1919; d. 5 जुलाई, 1989
    └ +Unknown


    4. पदमा चौहान- शंभुलाल जी पंवार खजूरी पंथ b. 1958


    └ +शंभुलाल जी पंवार खजूरी पंथ b. 25 फरवरी, 1958; d. 22 दिसंबर, 2021
    5. पुरुषोत्तम पंवार दर्जी खजूरी पंथ b. 1978
    └ +निशा पिता शंकर लाल सोलंकी दर्जी सुकेत b. 1980
    6. गिरजा पिता पुरुषोत्तम पंवार दर्जी खजूरी पंथ b. 2003
    6. हरिओम पंवार दर्जी खजूरी पंथ b. 2006
    5. रूपेश पंवार दर्जी खजूरी पंथ b. 1982
    └ + शकुंतला - रूपेश पंवार दर्जी खजूरी पंथ b. 1985
    6. यशवंत पंवार दर्जी खजूरी पंथ b. 2007
    5. कपिल पंवार दर्जी खजूरी पंथ b. 1990
    4. कमला-रामचन्द्र पंवार सुवासरा b. 1954
    └ +रामचंद्र जी पंवार दर्जी सुवासरा b. 1950; d. 5 नवंबर, 2014, suwasara, madhya pradesh, भारत (India)
    5. संजय पंवार दर्जी सुवासरा--९९७७१-82184 b. 8 सितम्बर, 1982


    └ +ज्योति बाला - संजय पंवार दरजी सुवासरा b. 19 जून, 1984
    6. अवनीश पंवार दर्जी सुवासरा b. 2005
    5. विजय पंवार दर्जी सुवासरा b. 1985
    └ +रीना बाई पिता शामलाल राठौर दर्जी संधारा b. 1987
    6. प्रियांशु पंवार दर्जी सुवासरा b. 2007
    6. उत्कर्ष पंवार दर्जी सुवासरा b. 2012
    4. मदन लाल पिता भेरूलाल चौहान दर्जी अमलावद / खंदवास वाले b. 1952
    └ +कैलाशी बाई पँवार -मदन लाल चौहान दर्जी अमलावद b. 4 मार्च, 1960
    5. किशोर चौहान दर्जी अमलावद b. 1976
    └ +टीना-किशोर चौहान दर्जी अमलावद b. 1979
    6. बालाराम चौहान दर्जी अमलावद b. 1999
    5. विष्णु चौहान दर्जी अमलावद b. 1978
    5. शंकरलाल चौहान दर्जी अमलावद b. 1985
    3. भँवरलाल जी चौहान खंदवास b. 8 फरवरी, 1926; d. 3 सितम्बर, 1994
    3. जगन्नाथजी चौहान दर्जी बड़ोद/मदकोटा वाले b. 19 अप्रैल, 1935; d. 24 अप्रैल, 2019
    4. किशनलाल चौहान दर्जी बड़ोद b. 1958
    └ +मनसुखी बाई -किशनलाल छुहन दर्जी बड़ोद b. 1960
    4. शामलाल चौहान दर्जी बड़ोद--9752889287 b. 1962
    └ +गुड्डीबाई पिता लक्ष्मी नारायण चौहान दर्जी गुराडी b. 1964
    3. जतन बाई -भगवान पँवार आवर b. 28 मई, 1943; d. लगभग 10 जून, 2019


    └ +भगवान पंवार दर्जी आवर b. 4 फरवरी, 1941
    4. भेरीबाई-सोहनलाल सिसौदिया दर्जी मेलखेडा b. 1963


    └ +सोहन लाल सिसौदिया दर्जी मेलखेडा b. 1948
    5. निर्मला - यश वन्त राठौर दर्जी मिश्रोली b. 1981
    5. चंदा बाई - गोपाल चौहान दर्जी टकरावद b. 8 अप्रैल, 1984
    └ + गोपाल चौहान दर्जी टकरावद b. 14 मार्च, 1982
    6. विशाल चौहान टकरावद b. 2003
    6. पायल पिता गोपाल चौहान टकरावद b. 2005
    5. भगवती - सांवरिया सोलंकी दर्जी बालोदा b. 1985
    5. दीपक सिसौदिया दर्जी मेलखेडा--9589755420 b. 1987
    5. नरेन्द्र सिसौदिया दर्जी मेलखेडा b. 1991


    5. मधु बाई -मुकेश पँवार टेलर कोटा b. 7 फरवरी, 1973, मेलखेड़ा, मंदसौर , Madhya Pradesh, India
    └ +मुकेश पंवार दर्जी कोटा / आवर वाले--9413352397 b. 26 दिसंबर, 1967; m. 28 फरवरी, 1988, Melkheda, Mandsaur, Madhya Pradesh, India
    6. कविता - नवीन चंद्र - रजनी कान्त जी राठौर दर्जी लिमडी b. 1989
    └ +नवीन चंद्र राठौर दर्जी लिमडी--99253-22728 b. 1984
    7. महिर राठौर दर्जी लिमडी b. 2010
    6. निकिता -भावेश धामेचा लुनावाड़ा b. 23 मार्च, 1994
    └ +भावेश धामेचा लुनावाड़ा b. 1 सितम्बर, 1990
    6. निशा पिता मुकेश पंवार दर्जी कोटा b. 1997
    └ +अनिल परमार दर्जी भानपुरा -90987-84053 b. 1996; m. 22 फरवरी
    6. दिवांशु पँवार कोटा b. 10 जनवरी, 2003
    4. गायत्री- सत्य नारायण मकवाना दर्जी भवानी मंडी b. 1966
    4. प्रकाश पंवार दर्जी आवर b. 1969
    └ +गुड्डी बाई पिता पन्नालाल राठौर दर्जी मिटन खेडी b. 1972
    5. रीना -- मंगलेश सिसोदिया दर्जी नारिया b. 6 जून, 1988
    5. महेंद्र पंवार दर्जी आवर --90246-85330 b. लगभग 17 जुलाई, 1991
    5. सुनील पंवार दर्जी आवर --88900-24669 b. 1992
    └ +धापू बाई पिता प्रकाश राठौर दर्जी प्रताप पुरा b. 1971
    5. अरविंद पंवार दर्जी आवर b. 1986
    └ +पिंकी - अरविन्द पंवार दर्जी आवर b. 1990
    2. धुरालाल राठौर दर्जी आसंदिया
    └ +----दर्जी मिटन खेड़ी
    3. रमेश राठौर दर्जी आसंदिया b. 1964
    └ +मोहन बाई -रमेश चंद्र राठौर दर्जी असंदिया b. 1968
    4. ममता बाई -विनोद सोलंकी दर्जी खंदवास b. 1991
    4. दीपक राठौर दर्जी आसंदिया b. 1993
    4. संजय राठौर दर्जी आसंदीया b. 1999
    3. कला बाई ---दर्जी बंजारी
    3. लीला बाई ----दर्जी बनजारी
    3. धापू बाई ----गोयल दर्जी ऊंडवा
    3. राधा बाई ---दर्जी शामगढ


                                                वंशावली लेखक डॉ.दयाराम आलोक 
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    यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -


    *भजन, कथा ,कीर्तन के विडिओ

    *दामोदर दर्जी समाज महासंघ  आयोजित सामूहिक विवाह के विडिओ 

    *दर्जी समाज मे मोसर (मृत्युभोज) के विडिओ 

    पौराणिक कहानियाँ के विडिओ 

    मंदिर कल्याण की  प्रेरक कहानियों के विडिओ  भाग 1 

    *दर्जी समाज के मार्गदर्शक :जीवन गाथा 

    *डॉ . आलोक का काव्यालोक

    *दर्जी  वैवाहिक  महिला संगीत के विडिओ 

    *मनोरंजन,शिक्षाप्रद ,उपदेश के विडिओ 

    *मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ भाग 2 

    *मंदिर  कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 3 

    *मुक्ति धाम विकास की प्रेरक कहानियाँ भाग 2 

    *मुक्ति धाम विकास की प्रेरक कहानियाँ भाग 3 

    *मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियां के विडिओ भाग 4 

    मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 5 

    *भजन,कथा कीर्तन के विडिओ 

    *मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ  भाग 6 

    *मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 7 

    *मनोरंजन,शिक्षा ,पर्यटन,उपदेश के विडिओ 

    *मनोरंजन ,कॉमेडी के विडिओ 

    *जातियों के महापुरुषों की जीवनी के विडिओ 

    *धार्मिक ,सामाजिक त्योहार व  जुलूस के विडिओ